दक्खिनी हिंदी काव्य धारा (Dakkhini Hindi Kavya Dhaara) - Gyan Books
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दक्खिनी हिंदी काव्य धारा (Dakkhini Hindi Kavya Dhaara) - Gyan Books
किताब के बारे मे: दक्खिनी हिंदी काव्य धारा में राहुल सांकृत्यायन ने दक्षिण भारत में विकसित हुई हिंदी की प्राचीन शाखा दक्खिनी हिंदी की साहित्यिक परंपरा का विश्लेषण किया है। वे बताते हैं कि यह धारा 14वीं से 18वीं सदी तक मुस्लिम सुल्तानों के दरबारों और सूफी संतों के बीच फली.फूली। इस भाषा में प्रेमए भक्ति और सूफी विचारधारा को सरल व भावनात्मक शैली में व्यक्त किया गया। कवि जैसे कुतुबन गीसू दराज़ वजही और इब्न.ए.निशाती प्रमुख हैं। राहुल जी दक्खिनी साहित्य को उत्तर भारत की मुख्यधारा हिंदी का समृद्ध हिस्सा मानते हैं और उसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हैं।
Author: राहुल सांकृत्यायन (Rahul Sankrityayan)
Pages: 372
Edition: 1950
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